Saturday, 26 August 2017

कब तक ब्राह्मण को कोसते रहोगे

प्रिय मित्रों। आज कुछ कटु सत्य की बात हम भी कर लें।
आज भारत में दलित और नीची जात ऊँची जात के नाम पर बहुत उपद्रव हो गया है।
किसी को भी यदि ताली पिटवानी हो तो हिन्दू धर्म और ब्राह्मण को गाली दे दो । अपनी आक्रामक और कथित प्रोग्रेसिव इमेज , कथित वैज्ञानिक सोच दिखानी हो , तो ब्राह्मण को गाली निकाल लो। हिन्दू धर्म और उसकी परम्पराओं एवं कर्मकाण्ड की खिल्ली उड़ाओ। देखो तुम्हें बहुत पोलटिकल मायलेज मिलेगा। टीरपी बढ़ जाएगी। न कोई विरोध होगा। पाँचों अंगुलियाँ घी में।
मैं मानता हूँ अतीत में ब्राह्मणों ने कुछ गलतियाँ की होंगी। लेकिन उसकी कीमत ब्राह्मणों ने अब चुका दी है। मैं समझता हूँ अब बहुत हो गया। अब पूरे विश्व की इस सर्वश्रेष्ठ,अद्भुत प्रतिभाशाली,त्यागपूर्ण,संतोषी,शांति पसन्द,सबसे वीर ,सबसे धीर,सबसे ज्यादा देशभक्त , सबसे ज्यादा धार्मिक समाज को व्यर्थ ही अपमानित करना बंद कर देना चाहिए। मित्रों यह इस घटिया लोकतंत्र का,या सीधे सीधे कहें वोट बैंक की राजनीति का ,(जिसमें सिर नहीं गिने जाते , हाथ गिने जाते हैं) परिणाम है कि इस देश की महान कौम को पीछे धकेल दिया गया है।
यह इस देश का भी दुर्भाग्य होगा कि वह अपने ही एक हिस्से को,अपने ही सबसे योग्य नागरिकों को वोट बैंक की गन्दी राजनीति के दुष्चक्र में पीछे धकेल रहा है।
आज ब्राह्मण कौम इस दुष्चक्र में फँस कर सहम सी गई है।
मेरे प्यारे मित्रो मेरी बात को थोड़ा ठहर कर सोचो। क्या यह एक सत्य नही है?भूल जाओ कि मैं एक ब्राह्मण हूँ इसलिए ऐसा कह रहा हूँ। नही,यह ब्राह्मण तो एक बार काल को भी रोक देने की क्षमता रखता है। हमें नही चाहिए आरक्षण। हमें तो एक सम्मान चाहिये बस। या कहूँ हमें सम्मान भी नही चाहिए। बस ब्राह्मणों का अपमान बंद कर दो। कहीं ऐसा न हो कि विप्र का अपमान सबको ले डूबे।
जय हिंद!

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