Monday, 21 August 2017

क्या होता अगर कसाब ज़िंदा न पकड़ा जाता

बन्दरों की एक टोली थी........
उनका एक सरदार भी था बन्दर फलो के बगिचों मे फल तोड़ कर खाया करते थे।
माली की मार और डन्डे भी खाते थे, रोज पिटते थे ।
एक दिन बन्दरों के सरदार ने सब बन्दरों से विचार-विमर्श कर कर निश्चय किया कि रोज माली के डन्डे खाने से बेहतर है हम अपना फलों का बगीचा लगा लें और फिर फल खायें , कोई रोक टोक नहीं ।
और हमारे अच्छे दिन आ जाएंगे ।
सभी बन्दरों को यह प्रस्ताव बहुत पसन्द आया । जोर शोर से गड्ढे खोद कर फलो के बीज बो दिये गये पूरी रात बन्दरों ने बेसब्री से इन्तज़ार किया। सुबह देखा गया अभी तो फलो के पौधे भी नहीं आये !
दो चार दिन बन्दरों ने और इन्तज़ार किया , परन्तु पौधे नहीं आये ।
Restless बन्दरों ने मिट्टी हटाई - देखा फलो के बीज जैसे के तैसे मिले ।
बन्दरों ने कहा - लोग झूठ बोलते हैं हमारे कभी अच्छे दिन नही आने वाले । हमारी किस्मत में तो माली के डन्डे ही लिखे हैं ।
बन्दरों ने सभी गड्ढे खोद कर फलो के बीज निकाल कर फेंक दिये । पुन: अपने भोजन के लिये माली की मार और डन्डे खाने लगे
जरा सोचना कहीं हम बन्दरों वाली हरकत तो नहीं कर रहे।
60 साल.......3 साल
एक परिपक्व समाज का उदाहरण पेश करिये बन्दरों जैसी हरकत मत करिये .. देश धीरे धीरे बदल रहा है नई नई ऊंचाइयां छू रहा है..
वरना देख ही रहे है नये नये खुलाशे हो रहे है केसे कांग्रेस के नेताओं ने बोट के लालच में देशद्रोह के काम किए हैं
हिन्दू आतंकवादी बनाने में करकरे की अहम भूमिका थी
करकरे ने क्या क्या करा था और क्यों उसकी भी बलि चढ़ाई गई कलावा चढ़ाए हुए कसाब द्वारा?? का समझे बाबू या अब भी कड़ियाँ नही मिला पा रहे?
ATS के चीफ को बिना बुलेट प्रूफ जैकेट के देखा है ऐसे आतंकी हमले में ? जाहिर है ये सब प्लांटेड था .....क्या करा था और क्यों उसकी भी बलि चढ़ाई गई कलावा चढ़ाए हुए कसाब द्वारा?? का समझे बाबू या अब भी कड़ियाँ नही मिला पा रहे?
यदि तुकाराम ने कसाब को जीवित नही पकड़ा होता तो कसाब को हिन्दू घोषित किया जाता और हिंसा बिल भी लाया जाता और फिर शायद इस देश मे शुरू होता हिंदुओं का असली दमन और बीस वर्षों में इस देश मे हिन्दू अल्पसंख्यक कर दिए जाते,,,,किन्तु राष्ट्रवादी हिंदुओं ने प्रचंड बहुमत देकर खूनी पंजे की इस कुटिल मंशा को धराशायी कर दिया,,,
मैं तो तुकाराम का आभारी हूँ ...जो जिन्दा कसाब पकड़ कर इस राष्ट्र को बचा गए

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