अकबर का सबसे खतरनाक वाला एक सेनानायक हुआ . . . नाम - बहलोल खां . . . . कहा जाता है कि हाथी जैसा बदन था इसका . . . और ताक़त का जोर इतना कि नसें फटने को होती थीं . . . ज़ालिम इतना कि तीन दिन के बालक को भी गला रेत-रेत के मार देता था . . . . बशर्ते वो हिन्दू का हो . . . . . एक भी अकबरी लड़ाई कभी हारा नहीं था अपने पूरे करियर में ये बहलोल . . . .
अब इसी बहलोले को अकबर ने भिड़ा दिया हिन्दू-वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप से . . . . . लड़ाई पूरे जोर पर और मुगलई गंद खा-खा के ताक़त का पहाड़ बने बहलोल का आमना-सामना हो गया अपने प्रताप से . . . पोस्त और अफीम के ख़ुमार में डूबी हुई सुर्ख नशेड़ी आँखों से भगवा अग्नि की लपट सी प्रदीप्त रण के मद में डूबी आँखें टकराईं . . . ओर जबरदस्त भिडंत शुरू. . . कुछ देर तक तो राणा यूँ ही मज़ाक सा खेलते रहे मुगलिया बिलाव के साथ . . . . और फ िर गुस्से में आ के अपनी तलवार से एक ही वार में घोड़े सहीत . . हाथी सरीखे उस नर का पूरा धड़ बिलकुल सीधी लकीर में चीर दिया . . . ऐसा फाड़ा कि चिरे हुए धड़ के बीच में से झाँक कर जेहादी की पीठ पीछे का युद्ध- भूमि का पूरा नज़ारा खिड़की सा दिखने लगा . . . . . ऐसे-ऐसे युद्ध-रत्न उगले हैं सदियों से भगवा चुनरी ओढ़े रण में तांडव रचने वाली मां भारती ने . . . . . जय महाकाल.!!🚩🚩🚩🚩🚩🚩
अब इसी बहलोले को अकबर ने भिड़ा दिया हिन्दू-वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप से . . . . . लड़ाई पूरे जोर पर और मुगलई गंद खा-खा के ताक़त का पहाड़ बने बहलोल का आमना-सामना हो गया अपने प्रताप से . . . पोस्त और अफीम के ख़ुमार में डूबी हुई सुर्ख नशेड़ी आँखों से भगवा अग्नि की लपट सी प्रदीप्त रण के मद में डूबी आँखें टकराईं . . . ओर जबरदस्त भिडंत शुरू. . . कुछ देर तक तो राणा यूँ ही मज़ाक सा खेलते रहे मुगलिया बिलाव के साथ . . . . और फ िर गुस्से में आ के अपनी तलवार से एक ही वार में घोड़े सहीत . . हाथी सरीखे उस नर का पूरा धड़ बिलकुल सीधी लकीर में चीर दिया . . . ऐसा फाड़ा कि चिरे हुए धड़ के बीच में से झाँक कर जेहादी की पीठ पीछे का युद्ध- भूमि का पूरा नज़ारा खिड़की सा दिखने लगा . . . . . ऐसे-ऐसे युद्ध-रत्न उगले हैं सदियों से भगवा चुनरी ओढ़े रण में तांडव रचने वाली मां भारती ने . . . . . जय महाकाल.!!🚩🚩🚩🚩🚩🚩
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