Friday, 25 August 2017

दोगले मीडिया

जो मीडिया आज पानी पी पी के गुरमीत राम रहीम को गरिया रही है , जो मीडिया आज सभी political पार्टीज को इसलिए गरिया रही है कि वो डेरे में जा के शीश नवाते हैं , वही मीडिया , वही सारे channels इसी बाबा से पैसे ले के उसकी चूतिया फिल्मों का promotion करते हैं , बाबा के चूतियापे भरे बेसुरे भोंडे Concert को पूरे 2 घंटे Live दिखाते हैं ।

आज ये नेताओं से पूछ रहे हैं कि एक बलात्कार के आरोपी के दरबार मे माथा टेकने क्यों गये ।
पहले तुम ये बताओ कि तुमने एक बलात्कार के आरोपी को Rock Star क्यों बना दिया अपने Channel पे ।

जो आदमी पंजाब में 36 seats और हरियाणा में 24 seats पे प्रभाव रखता हो उसके दरबार मे माथा क्यों नही टेकेगा नेता ??????
लोकतंत्र में .......... Heads Count ......उस Head में क्या भरा है ,दिमाग है गोबर ....... इस से फर्क नही पड़ता । लोकतंत्र में घास छीलने वाले के भोट की भी उतनी ही कीमत है जितनी एक DRDO के Scientist के भोट की ।

चुनाव में तो किसी के पास अगर 50 भोट हो तो नेता उसके पांव चूम लेता है , गुरमीत राम रहीम तो लाखों भोट control करता है ।
इतने भोट के लिए नेता पांव नही पिछवाड़ा चूम ले ..........
Public जब तक ऐसे बाबाओं को भगवान मानती रहेगी , नेता इन बाबाओं के दरबार मे हाजरी लगाते रहेंगे ।

लोकतंत्र की असली ताक़त Public है ।
नेता परेता , आबा बाबा और ईडिया मीडिया की कोई औकात नही ।
जन बल संख्या बल ही सर्वोच्च है लोकतंत्र में ।

अजित सिंह उदयन वाले

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