Monday, 28 August 2017

झुक गया चीन

#एकदम_ताज़ी_असली_खबर
#डोकलम_पर
#केवल_मेरी_Id_पर😂

हाँ तो अफवाहों का बाजार गर्म हो चुका है , चेस्ट थम्पिंग हो चुकी है

इससे पहले की अफवाहें आपके दिमाग में बस जाएँ , एक असली और जिम्मेदार ID होने के नाते मेरा ये कर्तव्य है कि मैं असली बात आप तक पहुँचाऊँ ताकि आपको पूरा मैटर सही से समझ में आ जाए

भारत सरकार ने साफ़ कहा कि धीरे धीरे दोनों ही भारत और चीन की सेनाएँ डोकलम से हटेंगी

इसे अंग्रेजी में expeditious disengagement कहते हैं , सेनाएँ आज ही एक दिन में नही हटेंगी , इसमें उचित समय दोनों पक्षो द्वारा लिया जाएगा

पर ये प्रक्रिया आज से ही शुरू हो जायेगी ।।

भारत ने साफ़ कहा है कि दोनों पक्षो की सेनाएँ हटेंगी ।

अब चीन में इसको कैसे देखा जा रहा ?

चीन में दो प्रकार का मीडिया है एक थोड़ा सा चूतिया है एक महा चूतिया है ( ऐसा गूढ़ ज्ञान मैं बहुत पढ़ने के बाद बता रहा हूँ उनकी मीडिया )

जो थोड़ा सा चूतिया है वो मात्र 10% है वो कह रहा की

डोकलम विवाद दोनों सरकारों ने निबटा लिया है , भारत और चीन सेना हटाएंगे लेकिन चीन डोकलम में पेट्रोलिंग करता रहेगा , हम अपनी sovereignty ( संप्रभुता ) से कोई समझौता नही करेंगे ।।

अब इन गधों से पूछो पेट्रोलिंग करने की कौन सी लड़ाई है ?
हम तो सड़क रुकवाने गये थे वो तुम मान लिए बात खत्म ।। अब करो पेट्रोलिंग ससुर 😂😂

उतनी ऊँचाई पे कितना पेट्रोलिंग करोगे बे ? ठण्ड में तो वैसे भी सब बन्द रहता है 😂😂

और दूसरा महा चूतिया मीडिया है जो बहुसंख्यक है जो कह रहा की

भारत ने सेना हटाने पर काम शुरू किया , डोकलम में हमारी संप्रभुता बरक़रार रहेगी

गज़ब चूतिये हैं , अबे अगर हमको हटना ही होता तो 3 महीने से वहाँ खो खो खेल रहे थे हमारे जवान

अब इंटरनेशनल मीडिया की बात करें तो

उनका साफ़ रुख भारत सरकार के स्टेटमेंट पे है और चीनी सरकार ने भी उसी स्टेटमेंट को माना है ।।

हालाँकि साफ़ चायनीज सरकार ने भी नही कहा कि हम सीधे हट रहें भारत के साथ

चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री की spokeswomen Hua Chunying ने कहा

China will continue to exercise sovereignty rights to protect territorial sovereignty in accordance with the rules of the historical boundary.. Chinese troops would continue to patrol the Doklam region .

China hopes India respects the historical boundary and works with China to protect peace along the border on the basis of mutual respect of each other's sovereignty..

इनका स्टेटमेंट पढ़ने से साफ़ पता चलता है , चीन भी पीछे हटा है फिलहाल ,

क्योंकि उनका कहना है हमारी सेना पेट्रोलिंग करती रहेगी

जबकि हमारी लड़ाई सड़क निर्माण को रुकवाने की थी , उनके एरिया में उनकी पेट्रोलिंग रोकने की नही

आप पीछे हट जाइये अपने एरिया में जी भर के पेट्रोलिंग करिये ,
हमें कोई दिक्कत नही होगी , पर विवादित जमीन पर सड़क बनाएँगे तो इसमें आप हार चुके हैं ,

राष्ट्र को इस सफलता पर बधाईं
मोदी डंटे रहे , तीन महीने
उनको भी बधाईं ।।।

आगे भी हम झुकेंगे नही , इसका साफ़ सन्देश है ।।

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