आचार्य चाणक्य, मैक्यावेली जैसे अनेकों राजनीतिशास्त्र के पंडितों का कथन है "जो राजा अपने शत्रुओं को दण्ड नहीं दे सकता और मित्रों को पुरस्कार नहीं दे सकता वो नष्ट हो जाता है "
इस आप्त वाक्य का संदर्भ यह है कि कल कर्णाटक के ऊर्जा मंत्री डी के शिवकुमार के 64 ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापे मारे। अभी तक की गणना में दस करोड़ रुपया नक़द बरामद हुआ है। उनके सिंगापुर और अन्य कई देशों में निवेशों के काग़ज़ात मिले हैं। वो स्वयं बंगलूरू के जिस इंगलटन रिज़ॉर्ट में धर दबोचे गये, वहाँ वो इन काग़ज़ात को फाड़ रहे थे। उनके उन संबंधियों के लॉकर से भारी मात्रा में जूलरी पकड़ी गयी है जो सामान्य आर्थिक वर्ग के लोग हैं। इससे सिद्धांत भी स्थापित हुआ कि एक महापुरुष अपने परिवार को भी ऊँचा उठाता है।
ज्ञातव्य है कि कर्णाटक के ऊर्जा मंत्री डी के शिवकुमार अतिथि सत्कार के लिये जाने जाते हैं और गुजरात से भगा कर लाये गए 44 कोंग्रेसी विधायकों की ख़ातिरदारी कर रहे थे। हुआ यह है कि गुजरात कांग्रेस के 7 विधायक कांग्रेस को लतिया कर भाजपा की नाव में सवार हो चुके हैं और कांग्रेस को डर है कि शेष भी भाजपा के अभियान " साथी हाथ बढ़ाना, एक अकेला कम पड़ता है मिल कर इसे डुबाना " के साथ न आ जायें। गुजरात से राज्यसभा के चुनाव के लिए कांग्रेस की विदेशी मूल की अध्यक्षा के पाप-पुण्य सखा अहमद पटेल खड़े हैं और कर्णाटक में गुजरात के कोंग्रेसी विधायकों का हरण, आतिथ्य उनकी खाट खड़ी होने से बचाने के लिये किया जा रहा है।
वाक़ई अच्छे दिन आ गये हैं कि राजनीति का यह सामान्य सत्य भाजपा को समझ आ गया है कि "जो राजा अपने शत्रुओं को दण्ड नहीं दे सकता और मित्रों को पुरस्कार नहीं दे सकता वो नष्ट हो जाता है "।
राष्ट्रबन्धुओ ! यह देश का विभाजन करने वाले पापी हैं।
यह उस पार्टी के लोग हैं जिन्होंने इस्लामियों द्वारा देश विभाजन के बाद भी अपना वोट बैंक बनाये रखने के लिये देश में विभाजन मांगने वाले मुसलमानों को बनाये रखा।
यह कश्मीर समस्या उपजाने वाली पार्टी है।
यह चीन के हाथों देश की साख को बट्टा लगाने वाले लोग हैं।
यह उस पार्टी के लोग हैं जिसने आपात्काल में जीवन के मूल अधिकार को भी निलंबित कर दिया था।
यह वह पार्टी है जिसने भारत की कार्यपालिका, न्यायपालिका को भ्रष्ट किया।
यह वो पार्टी है जिसने पंजाब की सत्ता अकाली-भाजपा से छीनने के लिये हिन्दुओं की सशस्त्र भुजा सिखों को काट कर अलग करने का पाप सोचा।
यह वो पार्टी है स्थाई वोट बैंक बनाने के लिये असम, बँगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश में बांग्लादेशी मुसलमान बुलाये, बसाये.........
क्या दिन आ गये हैं कि राष्ट्र, देश, व्यवस्था को हर प्रकार से ध्वस्त करने वाले आज लोकतंत्र की दुहाई दे रहे हैं ? इन्हें हर प्रकार से पराजित करना, नष्ट करना राष्ट्र कार्य है। इस पुण्य पंथ पर प्रशस्त होइये। राष्ट्र दोनों हाथ उठा कर आपको आशीष दे रहा है।
इस आप्त वाक्य का संदर्भ यह है कि कल कर्णाटक के ऊर्जा मंत्री डी के शिवकुमार के 64 ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापे मारे। अभी तक की गणना में दस करोड़ रुपया नक़द बरामद हुआ है। उनके सिंगापुर और अन्य कई देशों में निवेशों के काग़ज़ात मिले हैं। वो स्वयं बंगलूरू के जिस इंगलटन रिज़ॉर्ट में धर दबोचे गये, वहाँ वो इन काग़ज़ात को फाड़ रहे थे। उनके उन संबंधियों के लॉकर से भारी मात्रा में जूलरी पकड़ी गयी है जो सामान्य आर्थिक वर्ग के लोग हैं। इससे सिद्धांत भी स्थापित हुआ कि एक महापुरुष अपने परिवार को भी ऊँचा उठाता है।
ज्ञातव्य है कि कर्णाटक के ऊर्जा मंत्री डी के शिवकुमार अतिथि सत्कार के लिये जाने जाते हैं और गुजरात से भगा कर लाये गए 44 कोंग्रेसी विधायकों की ख़ातिरदारी कर रहे थे। हुआ यह है कि गुजरात कांग्रेस के 7 विधायक कांग्रेस को लतिया कर भाजपा की नाव में सवार हो चुके हैं और कांग्रेस को डर है कि शेष भी भाजपा के अभियान " साथी हाथ बढ़ाना, एक अकेला कम पड़ता है मिल कर इसे डुबाना " के साथ न आ जायें। गुजरात से राज्यसभा के चुनाव के लिए कांग्रेस की विदेशी मूल की अध्यक्षा के पाप-पुण्य सखा अहमद पटेल खड़े हैं और कर्णाटक में गुजरात के कोंग्रेसी विधायकों का हरण, आतिथ्य उनकी खाट खड़ी होने से बचाने के लिये किया जा रहा है।
वाक़ई अच्छे दिन आ गये हैं कि राजनीति का यह सामान्य सत्य भाजपा को समझ आ गया है कि "जो राजा अपने शत्रुओं को दण्ड नहीं दे सकता और मित्रों को पुरस्कार नहीं दे सकता वो नष्ट हो जाता है "।
राष्ट्रबन्धुओ ! यह देश का विभाजन करने वाले पापी हैं।
यह उस पार्टी के लोग हैं जिन्होंने इस्लामियों द्वारा देश विभाजन के बाद भी अपना वोट बैंक बनाये रखने के लिये देश में विभाजन मांगने वाले मुसलमानों को बनाये रखा।
यह कश्मीर समस्या उपजाने वाली पार्टी है।
यह चीन के हाथों देश की साख को बट्टा लगाने वाले लोग हैं।
यह उस पार्टी के लोग हैं जिसने आपात्काल में जीवन के मूल अधिकार को भी निलंबित कर दिया था।
यह वह पार्टी है जिसने भारत की कार्यपालिका, न्यायपालिका को भ्रष्ट किया।
यह वो पार्टी है जिसने पंजाब की सत्ता अकाली-भाजपा से छीनने के लिये हिन्दुओं की सशस्त्र भुजा सिखों को काट कर अलग करने का पाप सोचा।
यह वो पार्टी है स्थाई वोट बैंक बनाने के लिये असम, बँगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश में बांग्लादेशी मुसलमान बुलाये, बसाये.........
क्या दिन आ गये हैं कि राष्ट्र, देश, व्यवस्था को हर प्रकार से ध्वस्त करने वाले आज लोकतंत्र की दुहाई दे रहे हैं ? इन्हें हर प्रकार से पराजित करना, नष्ट करना राष्ट्र कार्य है। इस पुण्य पंथ पर प्रशस्त होइये। राष्ट्र दोनों हाथ उठा कर आपको आशीष दे रहा है।
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